Is mantra ke saath: Fundamentals Explained

मार्कशीट्स बैकडेट में बीपीएड में दाखिला दिखाकर तैयार की गई थीं.

मिट्टी के बर्तन में जौ के बीज बोएं और नवमी तक प्रति दिन पानी का छिड़काव करें।

पूजा के लिए एक स्वच्छ और शांत स्थान चुनें। वहां गंगाजल का छिड़काव करके स्थान को पवित्र करें।

मंत्र : ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं परमेश्वरि कालिके स्वाहा

शनिवार से गुप्त नवरात्रि, कैसे करें पूजा, जानें विधि और पूजन सामग्री

गुप्त नवरात्रि हिंदू सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक समय मानी जाती है। यह नवरात्रि विशेष रूप से गुप्त साधनाओं, तांत्रिक अनुष्ठानों, और महाविद्या की उपासना के लिए मनाई जाती है। इसे गुप्त इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसकी साधनाएं और अनुष्ठान गुप्त रूप से किए जाते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य आत्म-शुद्धि, read more शक्ति संचय और देवी के विभिन्न स्वरूपों की आराधना करना है।

गुप्त नवरात्रि अंतिम दिन दुर्गा पूजा के बाद घट विसर्जन करें। 

घट (कलश) स्थापना नवरात्रि पूजा का प्रथम और सबसे महत्वपूर्ण चरण है। यह शुभता, ऊर्जा, और देवी दुर्गा की उपस्थिति का प्रतीक है।

* शनि-राहु की महादशा या अंतरदशा, शनि की साढ़े साती, शनि का ढइया आदि सभी से काली रक्षा करती हैं।

गुप्त नवरात्रि में करें ये साधना, जो चाहोगे वो मिलेगा

गुप्त नवरात्रि पर्व के दिनों में सुबह जल्द उठकर दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर स्नान करने के बाद स्वच्छ कपड़े पहनें।

देवी पूजन की सभी सामग्री को एकत्रित करें। पूजा की थाल सजाएं।

मां की आरती गाएं, उन्हें फूल, अक्षत चढ़ाएं और बेदी से कलश को उठाएं।

पूजा आरंभ करें: दीपक जलाकर देवी का आवाहन करें।

ना करे रक्षा तो महाबली भैरव की दुहाई।।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *